- 2026-01-26 10:58:50
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एक्सक्लूसिव: स्टिंग ऑपरेशन में फिर उलटा मामला, अब रंजन यादव ने किया बड़ा खुलासा - 'शंकर सिंह ने खुद पर हमला करवाकर रंजन को फंसाने की रची साजिश'
गया, 26 जनवरी 2026: विष्णुपद थाना क्षेत्र में जीएस रिसोर्ट पर हुई गोलीबारी और पथराव का मामला एक बार फिर नया और चौंकाने वाला मोड़ लेता नजर आ रहा है। पिछले स्टिंग ऑपरेशन में आरोपी रंजन यादव द्वारा किए गए आरोपों के बाद अब एक नए खुलासे के मुताबिक, रंजन यादव ने दावा किया है कि यह पूरी घटना रिसोर्ट मालिक शंकर सिंह और उनके पुत्रों द्वारा रची गई एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका मकसद 20 साल से चले आ रहे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा जमाना और रंजन यादव व उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाना था।
साजिश का नया कथित खाका: "पहले मारपीट, फिर अपने घर पर हमला, फिर झूठा मुकदमा"
मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार, रंजन यादव ने बताया कि यह साजिश तीन चरणों में अंजाम दी गई:
1. प्रारंभिक धमकी और हिंसा: रंजन यादव का आरोप है कि रास्ते के विवाद को लेकर शंकर सिंह के परिवार ने पहले उनकी (रंजन की) पिटाई की। इसके बाद उनके बेटे को भी निशाना बनाया गया और उसे पीटा गया।
2. "सेल्फ-स्टेज्ड" हमला: साजिश के सबसे नाटकीय हिस्से के रूप में, रंजन यादव का दावा है कि शंकर सिंह ने अपने ही रिसोर्ट और घर पर पथराव और गोलीबारी का नाटक करवाया। इसका उद्देश्य खुद को पीड़ित दिखाकर पुलिस में एक मजबूत एफआईआर दर्ज कराना था।
3. झूठे मुकदमे और फंसाने की कार्रवाई: झूठे हमले के बाद, शंकर सिंह परिवार ने इस घटना के लिए रंजन यादव और उनके परिवार को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया, जिससे वे कानूनी जाल में फंस गए।
विवाद की जड़: 20 साल पुराना सार्वजनिक रास्ता
इस पूरे विवाद की मूल वजह जीएस रिसोर्ट के पास का एक रास्ता बताई जा रही है। रंजन यादव के अनुसार:
· यह रास्ता लगभग दो दशक (20 साल) से सार्वजनिक उपयोग में है और आम लोग इसे इस्तेमाल करते आ रहे हैं।
· शंकर सिंह अपने रिसोर्ट का विस्तार करना चाहते थे और इस सार्वजनिक रास्ते पर अपना अधिकार जमाना चाहते थे।
· रंजन यादव और स्थानीय लोगों ने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, जिसके बाद शंकर सिंह परिवार ने उन्हें हटाने के लिए यह साजिश रची।
जांच अधिकारी को भी फंसाने का प्रयास?
इसके अलावा, रंजन यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि शंकर सिंह परिवार मामले की जांच कर रहे डीएसपी को भी दबाव में लेना या फंसाना चाहता था। योजना यह थी कि यदि डीएसपी निष्पक्ष जांच करते, तो उन पर भी रंजन यादव का पक्ष लेने का आरोप लगाकर परेशान किया जा सकता था।
दोनों पक्षों के आरोपों का दांव-पेंच
यह मामला अब आरोपों के एक जटिल जाल में बदल गया है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे को प्राथमिक दोषी ठहरा रहे हैं।
शंकर सिंह (पहले पीड़ित पक्ष) के आरोप:
· रंजन यादव और उनके साथियों ने रास्ते के विवाद पर रिसोर्ट पर हमला किया और गोली चलाई।
· उनके परिवार पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
रंजन यादव (विपक्ष) के नए आरोप:
· शंकर सिंह ने रास्ते पर कब्जे के लिए खुद पर हमला करवाया।
· यह एक सुनियोजित साजिश थी जिसमें पहले हिंसा करके डराया गया, फिर झूठा हमला करवाकर मुकदमा दर्ज कराया गया।
· जांच अधिकारी को भी दबाव में लेने की कोशिश की गई।
आगे की कार्रवाई और निष्कर्ष
पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और सबूतों के आधार पर जांच कर रही है। यह मामला अब सिर्फ एक हिंसक झड़प नहीं रह गया है, बल्कि झूठे मुकदमों, सुनियोजित साजिश और प्रशासनिक दबाव के गंभीर आरोपों से जुड़ गया है। रंजन यादव का एक पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू है।
न्यायालय में अभी इन आरोपों की सच्चाई सिद्ध होनी बाकी है। हालांकि, यह प्रकरण सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे और उसे बरकरार रखने के लिए अपनाई जाने वाली संदिग्ध तरीकों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। जनता और मीडिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस उलझे हुए मामले में कैसे सच का पता लगाती है।
Comments(01)
Ritesh Panday
June 10, 2025विपिन कुमार की आप्त सचिव के रूप में नियुक्ति एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय है। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव निश्चित रूप से मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में सहायक होगी। यह नियुक्ति अस्थायी रूप से की गई है और मंत्री के कार्यकाल तक प्रभावी रहेगी
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