- 2026-01-05 10:55:00
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गया, बिहार (ब्यूरो रिपोर्ट): बोधगया प्रखंड के खिरियावा पंचायत के मुखिया एवं जनहितैषी समाजसेवी श्री राजेश कुमार सिंह ने अपने पिता की पुण्य तिथि के अवसर पर सेवा के एक सार्थक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत क्षेत्र के गरीब, बुजुर्ग और जरूरतमंद परिवारों के बीच हजारों कंबलों का वितरण किया, जो सर्दी से राहत दिलाने में मददगार साबित होंगे।

यह कोई नई शुरुआत नहीं है, बल्कि श्री सिंह द्वारा लगातार कई वर्षों से चलाई जा रही एक पारिवारिक परंपरा है, जहाँ व्यक्तिगत शोक को सार्वजनिक सेवा में बदल दिया जाता है। इस वर्ष भी वार्ड 46 सहित पूरे पंचायत क्षेत्र के निर्धन परिवारों तक यह सहायता पहुँचाई गई।
"मानव सेवा सर्वोपरि धर्म"
कार्यक्रम के दौरान मुखिया राजेश कुमार सिंह ने कहा, "मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मेरे पिताजी का सपना था कि समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचे। उनकी स्मृति में यह छोटी-सी सेवा हमारा नैतिक दायित्व है और यह निरंतर जारी रहेगी।"
पंचायत के विकास को प्राथमिकता
मीडिया से बातचीत में मुखिया ने पंचायत के विकास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता पंचायत का समग्र विकास करना और सरकार की हर कल्याणकारी योजना का लाभ हर तबके तक पहुँचाना है। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, नली-गली निर्माण, नल जल योजना (हर घर जल) जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
सरकार और समाज के बीच कड़ी
श्री सिंह ने कहा, "एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरा दायित्व है कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी हर नागरिक तक पहुँचे और उन्हें लाभ मिले। मेरा सपना है कि खिरियावा पंचायत का हर परिवार आत्मनिर्भर बने और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।"

सामाजिक सरोकार का प्रतीक
यह कार्यक्रम केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सामुदायिक एकजुटता और साझी मानवता का प्रतीक बन गया। स्थानीय नागरिकों ने मुखिया के इस निस्वार्थ सेवाभाव की सराहना करते हुए इसे एक आदर्श उदाहरण बताया। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नेतृत्व की सार्थक परिभाषा प्रस्तुत करते हैं।
निष्कर्ष:
मुखिया राजेश कुमार सिंह का यह प्रयास दर्शाता है कि स्थानीय स्वशासन तभी सफल होता है जब उसकी जड़ें जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं में होती हैं। व्यक्तिगत स्मरण को सार्वजनिक कल्याण से जोड़कर उन्होंने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। ऐसे प्रयास न केवल गरीबों को राहत देते हैं, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।
Comments(01)
Ritesh Panday
June 10, 2025विपिन कुमार की आप्त सचिव के रूप में नियुक्ति एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय है। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव निश्चित रूप से मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में सहायक होगी। यह नियुक्ति अस्थायी रूप से की गई है और मंत्री के कार्यकाल तक प्रभावी रहेगी
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